सिंहभूम मंडल: आगामी वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु रणनीतिक रोडमैप तैयार, डाक अधिदर्शकों को मिला विशेष प्रशिक्षण



​जमशेदपुर: सिंहभूम मंडल के डाक विभाग ने नए वित्तीय वर्ष में सेवा और राजस्व के नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए अपनी रणनीतिक तैयारी पूरी कर ली है। इसी कड़ी में आज सिंहभूम मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री उदयभान सिंह की अध्यक्षता में मंडलीय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

​लक्ष्यों के निर्धारण पर गहन मंथन

​बैठक का मुख्य केंद्र आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभाग द्वारा निर्धारित राजस्व और सेवा लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना था। वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री उदयभान सिंह ने टीम को प्रेरित करते हुए कहा कि, "विभागीय सफलता की नींव टीम वर्क और सही समय पर सटीक रणनीति के क्रियान्वयन पर टिकी है। हमें न केवल लक्ष्यों को छूना है, बल्कि ग्राहक सेवा के स्तर को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।"

प्रमुख अधिकारियों की रणनीतिक सहभागिता

​बैठक के दौरान उप डाक अधीक्षक श्री विश्वजीत राय ने परिचालन और तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्षमता बढ़ाने और मौजूदा चुनौतियों को अवसरों में बदलने के लिए कई नवाचारी सुझाव साझा किए। बैठक में सिंहभूम मंडल के सभी सहायक डाक अधीक्षक, डाक निरीक्षक, सभी सब-डिवीजनों के डाक अधिदर्शक और ग्राहक रिश्ता प्रबंधक (CRM) मुख्य रूप से उपस्थित थे।

​डाक अधिदर्शकों के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं निगरानी सत्र

​इस बैठक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता डाक अधिदर्शकों (Overseers) के लिए आयोजित विशेष सत्र रहा। उन्हें निम्नलिखित बिंदुओं पर गहनता से प्रशिक्षित किया गया:

​कार्यों का निष्पादन: कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता की जांच कैसे की जाए।

​दैनिक निगरानी: अपने अधीनस्थ कार्यालयों के कामकाज पर रोजाना सूक्ष्म नजर रखने के प्रभावी तरीके।

​लक्ष्य उन्मुख कार्यप्रणाली: अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित और निर्देशित करने की तकनीक।

​रणनीति और नवाचार

​सभी सहायक डाक अधीक्षकों और डाक निरीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों का रोडमैप प्रस्तुत किया। चर्चा का मुख्य बिंदु ग्राहकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना और डाक विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना रहा।

​बैठक के मुख्य निष्कर्ष:

​ग्राहक संतुष्टि: ग्राहक रिश्ता प्रबंधकों (CRM) को सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए गए।

​सूक्ष्म नियोजन (Micro-planning): वित्तीय वर्ष के पहले दिन से ही लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्ययोजना पर जोर दिया गया।

​टीम समन्वय: अधिकारियों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और तालमेल को अनिवार्य बताया गया।

​निष्कर्ष:

सत्र के समापन पर श्री उदयभान सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि सिंहभूम मंडल की यह ऊर्जावान और प्रशिक्षित टीम न केवल लक्ष्यों को प्राप्त करेगी, बल्कि नए वित्तीय वर्ष में सफलता के नए आयाम स्थापित करेगी।

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