किंशासा, 20 मार्च 2026 : डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) के उत्तर किवू प्रांत में रुबाया कोल्टन खदान पर भारी भूस्खलन ने दर्दनाक त्रासदी रच दी। 3 मार्च को हुई इस दुर्घटना में 200 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें करीब 70 मासूम बच्चे शामिल हैं। स्थानीय खदान मंत्रालय ने आधिकारिक आंकड़े जारी करते हुए बताया कि भारी बारिश के कारण खदान की सुरंगें धंस गईं, जिसमें मजदूरों के साथ महिलाएं और बच्चे भी फंस गए।
हादसे का विवरण
रुबाया खदान दुनिया की प्रमुख कोल्टन उत्पादक है, जो मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए आवश्यक खनिज मुहैया करती है। यह इलाका M23 विद्रोही समूह के नियंत्रण में है, जहां खनन अवैध और असुरक्षित तरीके से होता है। बुधवार को अचानक भूस्खलन शुरू हुआ, जब सैकड़ों लोग हाथों से खोदी गई सुरंगों में काम कर रहे थे। गवर्नर के विद्रोही-नियुक्त प्रवक्ता लुबुम्बा कंबेरे मुइसा ने रॉयटर्स को बताया कि मलबे में दबकर सैकड़ों की मौत हुई। घायलों को गोमा के अस्पतालों में पहुंचाया गया, लेकिन बचाव कार्य जंगली इलाके और विद्रोही क्षेत्र होने से बाधित रहा।
मौतों का आंकड़ा और विवाद
सरकारी रिपोर्ट में 227 से अधिक मौतें दर्ज की गईं, जिसमें सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए क्योंकि वे परिवार के साथ बाजार या सहायक कामों में मौजूद थे। M23 समूह ने शुरुआत में केवल 5-6 मौतें बताईं, लेकिन स्वतंत्र स्रोतों ने सरकारी आंकड़ों की पुष्टि की। यह क्षेत्र "रेड जोन" घोषित है, जहां खनन पर प्रतिबंध है, फिर भी गरीबी के कारण लोग जोखिम उठाते हैं। वर्ल्ड विजन जैसे संगठनों ने इसे पांच हफ्तों में दूसरी बड़ी दुर्घटना बताया।
वैश्विक प्रभाव और चिंताएं
यह हादसा खनन उद्योग की सुरक्षा कमियों को उजागर करता है। कोल्टन सप्लाई चेन बाधित होने से वैश्विक टेक कंपनियों पर असर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने जांच की मांग की है, जबकि स्थानीय निवासी मुआवजे और सुरक्षा उपायों की अपील कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विद्रोही नियंत्रण और रखरखाव की कमी ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण है।
