समग्र प्रदर्शन श्रेणी में काटामाटी और खोंदबोंद आयरन माइंस को क्रमशः पहला और दूसरा स्थान मिला
भुवनेश्वर/जोडा, 14 मार्च, 2026: टाटा स्टील की ओडिशा स्थित माइंस ने शनिवार को भुवनेश्वर में आयोजित 43वें वार्षिक धात्विक खदान सुरक्षा पखवाड़ा समारोह 2025 में कुल 23 पुरस्कार अपने नाम किए। यह समारोह खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), भुवनेश्वर क्षेत्र 1 और 2 के तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
ए 1 समग्र प्रदर्शन श्रेणी में काटामाटी आयरन माइन ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि इसी श्रेणी में खोंदबोंद आयरन माइन ने दूसरा स्थान हासिल किया।
काटामाटी आयरन माइन ने जनरल वर्किंग और ट्रेनिंग श्रेणियों में भी पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि मैकेनिकल मेंटेनेंस और इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस श्रेणियों में तीसरा स्थान हासिल किया।
इसी प्रकार, खोंदबोंद आयरन माइन ने मैकेनिकल मेंटेनेंस और इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस श्रेणियों में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि इनोवेटिव डिजिटाइजेशन श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में जोड़ा ईस्ट आयरन माइन ने इनोवेटिव डिजिटाइजेशन और ट्रेनिंग एवं अवेयरनेस श्रेणियों में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि ड्रिलिंग एवं ब्लास्टिंग और इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस श्रेणियों में दूसरा स्थान हासिल किया।
इसके अतिरिक्त, टाटा स्टील को वोकेशनल ट्रेनिंग और ऑक्यूपेशनल हेल्थ श्रेणियों में भी क्रमशः प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), धनबाद के महानिदेशक उज्ज्वल ताह उपस्थित थे। इस अवसर पर अन्य विशिष्ट अतिथियों में श्याम सुंदर प्रसाद, उप महानिदेशक, खनन सुरक्षा (दक्षिण पूर्वी क्षेत्र), रांची; राजीव लोचन मोहंती, अध्यक्ष, ईस्टर्न ज़ोन माइनिंग एसोसिएशन; अवनीश कुमार मिश्रा, निदेशक, खनन सुरक्षा (भुवनेश्वर–1); नसीना बालासुब्रह्मण्यम, निदेशक, खनन सुरक्षा (भुवनेश्वर–2) तथा देबाशीष जेना, जेनरल मैनेजर (ओएमक्यू), टाटा स्टील शामिल थे। इस अवसर पर विभिन्न खनन कंपनियों के माइन एजेंट, यूनियन प्रतिनिधि, माइन मैनेजर, अधिकारी तथा कर्मचारी भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खनन कंपनियों और वेंडर पार्टनर्स द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अतिथियों ने अवलोकन किया। इन स्टॉलों में खनन कार्यों में अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम सुरक्षा अभ्यासों और उपयोग किए जाने वाले सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
इन सेफ्टी वीक का आयोजन देश के विभिन्न क्षेत्रों में हर वर्ष किया जाता है, जिसका उद्देश्य खदानों में सुरक्षित कार्य पद्धतियों को बढ़ावा देना और खनन दुर्घटनाओं को उल्लेखनीय रूप से कम करना है।

