israel का ईरानी नेताओं पर बड़ा हमला: युद्ध चरम पर


तेल अवीव/तेहरान, 20 मार्च 2026 : मध्य पूर्व में तनाव चरम सीमा पर पहुंच गया है। इज़राइल ने ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व हवाई हमले किए, जिसमें ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के प्रवक्ता और खुफिया मंत्री को मार गिराया गया। अमेरिका के समर्थन से किए गए इन हमलों ने क्षेत्रीय युद्ध को नई ऊंचाई दे दी है। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान के सबसे बड़े गैस फील्ड पर हालिया हमले में इज़राइल ने अकेले कार्रवाई की थी, बिना किसी बाहरी सहायता के।


ईरानी अधिकारियों ने हमलों की पुष्टि करते हुए इसे "युद्ध अपराध" करार दिया है। IRGC प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रज़ा अलीज़ादेह और खुफिया मंत्री मेजर जनरल हुसैन ताजिक को तेहरान के एक गुप्त बंकर में निशाना बनाया गया। इज़राइली वायुसेना के F-35 लड़ाकू विमानों ने सटीक मिसाइलें दागीं, जो अमेरिकी खुफिया जानकारी पर आधारित थीं। नेतन्याहू ने एक राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "हमने ईरान के आतंकवाद के चेहरों को नेस्तनाबूद कर दिया। गैस फील्ड हमला हमारी एकतरफा कार्रवाई थी, जो उनके ऊर्जा हथियार को तोड़ने के लिए आवश्यक था।" इस बयान से ईरान में आक्रोश फैल गया है।


ये हमले अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच आए हैं, जहां ईरान ने पहले कुवैत की तेल रिफाइनरी और कतर के LNG प्लांट पर प्रहार किया था। इज़राइल का दावा है कि ईरानी गैस फील्ड दक्षिण पार्स दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार है, जो ईरान को युद्ध के दौरान आर्थिक ताकत दे रहा था। हमले से उत्पादन 50 प्रतिशत गिर गया, जिससे वैश्विक गैस कीमतें उछल पड़ीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल के इस कदम का समर्थन किया और कहा, "हमारे सहयोगी ने सही किया। ईरान को सबक सिखाना जरूरी है।"


ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शोक सभा में घोषणा की, "ये शहीद हमारे जिहाद का ईंधन बनेंगे। इज़राइल और अमेरिका को खून का बदला खून से मिलेगा।" हिज़बुल्लाह और हूती विद्रोहियों को सक्रिय करने के आदेश दिए गए हैं। तेहरान में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे, जहां इज़राइली और अमेरिकी झंडे जलाए गए। IAEA ने चेतावनी दी है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम तेज कर सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post